सीनियर सिटीजंस को अब ट्रेन के बाद बस के किराए में भी मिलेगी छूट, बस दिखाएं यह डॉक्यूमेंट…

इंडियन रेलवे में सीनियर सिटीजन स्कोर प्रारंभ से ही खास छूट दिए जाने का प्रावधान है। अब यह सुनहरा अवसर सीनियर सिटीजनस को बस के किराए में भी मिलेगा। बस के किराए में छूट प्राप्त करने के लिए उन्हें एक डॉक्यूमेंट दिखाना होगा जिसके बाद सीनियर सिटीजंस को आसानी से बस के किराए में छूट मिलेगा और वह कहीं पर भी आसानी से घूम सकते हैं। आगे जान लेते हैं इस खबर को विस्तार से…

किस राज्य के सीनियर सिटीजंस को मिलेगी बस में छूट?

हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि हरियाणा में चलने वाली रोडवेज बसें अब सीनियर सिटीजंस के लिए आधा किराया माफ करके उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचा सकेगी। हरियाणा में सरकार ने बताया कि 60 साल से अधिक बुजुर्ग जो भी बस में सफर करना चाहते हैं उन्हें कंडक्टर को एक डॉक्यूमेंट दिखाना होगा जिसके बाद उन्हें किराए में छूट मिलेगी। 

बस में छूट प्राप्त करने के लिए कौन सा डॉक्यूमेंट दिखाना होगा?

हरियाणा द्वारा चलने वाली रोडवेज बसों में यदि सीनियर सिटीजन जिनकी उम्र 60 से अधिक है उन्हें बस में बैठे कंडक्टर को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा जिससे उनकी आयु की जांच हो सके। यदि पहचान पत्र के अनुसार उनकी आयु 60 साल से ऊपर है तो उन्हें बस के किराए में आधे की राय की छूट मिल जाएगी।

सीनियर सिटीजन को बस के किराए में छूट लेने के लिए क्या करना होगा?

सीनियर सिटीजन स्कोर बस के किराए में छूट लेने के लिए बस के कंडक्टर को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा जिसमें उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो। 

सीनियर सिटीजन की उम्र की पुष्टि करने के बाद कंडक्टर उन्हें एक पास बना कर दे देगा जिसे किसी भी बस में दिखाकर कर बस किराए में आधी छूट प्राप्त करके टिकट खरीद सकते हैं।

जो सीनियर सिटीजन पहले से ही इस रोडवेज स्कीम का लाभ उठा रहे हैं उन्हें दोबारा से पास बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे किराए में छूट प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड या समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र दिखाकर भी सुविधा ले सकते हैं। 

पहले क्या थे नियम?

हरियाणा में चलने वाली रोडवेज बसों में पहले 65 वर्ष की उम्र के पुरुष तथा 60 वर्ष की महिलाओं को इस योजना का फायदा दिया जाता था। 1 अप्रैल से इस योजना के तहत अब 60 साल के ऊपर जितने भी बुजुर्ग होंगे उन सब को यह सुविधा दी जाएगी। 

पहले हरियाणा रोडवेज बसों में बैठे कंडक्टर बुजुर्गों से टिकट के आधे पैसे करने पर वाद विवाद करते थे। कंडक्टर बुजुर्गों से आधार कार्ड या समाज कल्याण विभाग का कार्ड देखने को कहते थे परंतु जब बुजुर्ग यह कार्ड दिखाते तो दे मना कर देते कि यह नहीं चलेगा जाकर नया रोडवेज पास बनवाओ। ऐसे में बुजुर्ग कागजी कार्रवाई और उम्र की मजबूरी की वजह से परेशान हो जाते थे। आधार कार्ड दिखाने पर भी कंडक्टर उनकी बात नहीं मानता था और यह रवैया बुजुर्ग महिलाओं के साथ भी होने लगा था। इसी के चलते सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। 

सरकार ने नए आदेश के साथ स्पष्ट की स्थिति

विभाग ने नए आदेशों के साथ-साथ उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि जो नए लाभ पत्र होंगे यानी 60 से 65 साल के पुरुषों को ही रोडवेज का पाठ प्रदान किया जाएगा। जिनके पास पहले से ही विभाग द्वारा प्रधान समाज कल्याण का पहचान पत्र होगा वह मान्य होगा। फिलहाल पूरे प्रदेश में बन रहे पास 60 साल से अधिक आयु की महिलाओं को बनवाने की जरूरत नहीं है यह केवल 65 वर्ष से अधिक पुरुषों के लिए लागू किए गए हैं यह सभी दिशानिर्देश रोडवेज ने डीपो को दिए है। ताकि बुजुर्गों को कोई भी परेशानियों का सामना ना करना पड़े। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि 65 वर्ष से अधिक जितने भी बुजुर्ग हैं उन्हें किसी भी प्रकार का पास बनवाने की जरूरत नहीं है वे केवल पहचान पत्र दिखाकर ही टिकट में छूट प्राप्त कर सकते हैं। 

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